फेसबुक को 48848 करोड़ रु का रिकॉर्ड मुनाफा, शेयर में तेजी आने से मार्केट कैप 3.75 लाख करोड़ बढ़ा

फेसबुक ने बुधवार को तिमाही नतीजे घोषित किए। 2018 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कंपनी को 48,848 करोड़ रुपए (688 करोड़ डॉलर) का मुनाफा हुआ। यह कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा तिमाही मुनाफा है। 2017 की दिसंबर तिमाही के मुकाबले मुनाफे में 61% बढ़ोतरी हुई है। 2018 की दिसंबर तिमाही में रेवेन्यू 30% बढ़कर 1.20 लाख करोड़ रुपए (1,691 करोड़ डॉलर) हो गया। इसमें ऐड रेवेन्यू की सबसे ज्यादा 93% हिस्सेदारी रही।

फेसबुक के बेहतर तिमाही नतीजों की वजह से अमेरिकी बाजार में कंपनी का शेयर बुधवार को आफ्टर आवर ट्रेडिंग में 12% चढ़ गया। शेयर में तेजी की वजह से कंपनी के मार्केट कैप में 3.75 लाख करोड़ रुपए का इजाफा हुआ। यह 29.42 लाख करोड़ से बढ़कर 33.17 लाख करोड़ रुपए हो गया।

यूजर बेस में 9% इजाफा
फेसबुक के डेली और मंथली एक्टिव यूजर्स में 8.6% ग्रोथ दर्ज की गई है। 2018 की दिसंबर तिमाही में डेली एक्टिव यूजर्स 152 करोड़ और मंथली एक्टिव यूजर्स 232 करोड़ थे।

फेसबुक के मंथली एक्टिव यूजर्स की संख्या में उत्तरी अमेरिका को छोड़ बाकी रीजन में अच्छी ग्रोथ दर्ज की गई है। एशिया पैसिफिक में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है।

अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में पीआर फर्म और कैम्ब्रिज एनालिटिका से जुड़े डेटा लीक जैसे विवादों के बावजूद फेसबुक के नतीजे अच्छे रहे हैं। यूजर्स की संख्या और रेवेन्यू ग्रोथ अच्छी रहने से कंपनी को रिकॉर्ड मुनाफा हुआ है। सीईओ मार्क जकरबर्ग का कहना है कि इस साल कंपनी प्रोडक्ट डेवलपमेंट पर फोकस करेगी। मैसेजिंग, पेमेंट, वीडियो और हार्डवेयर में इनोवेशन के जरिए यूजर को अच्छी सर्विस दी जाएगी। जकरबर्ग ने कहा कि वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम और मैसेंजर के इंटीग्रेशन पर विचार किया जा रहा है।

भागवत ने कहा कि सबरीमाला मंदिर मामले में कोर्ट ने कहा कि अगर महिला प्रवेश करना चाहती है तो करने दें, पर कोई जाना ही नहीं चाह रहा है। केरल का हिंदू समाज इसे लेकर प्रखर आंदोलन कर रहा है। 5 लोगों का बलिदान हुआ है। हिंदू समाज को ठेस पहुंचाने के लिए नई-नई योजनाएं बन रही हैं।

भगवान अयप्पा सभी हिंदुओं के भगवान
भागवत ने कहा कि अयप्पा केवल केरल के हिंदुओं के भगवान नहीं हैं। यह सभी हिंदुओं के भगवान हैं। इस आंदोलन में पूरा हिंदू समाज शामिल है। संपूर्ण देश में हमें इस मामले को बताकर लोगों को जागरूक करना होगा। हिंदुओं के खिलाफ षडयंत्र चल रहा है। कहीं-कहीं षडयंत्र चल जाता है। उसका कारण हमारी कमियां हैं। पंथ, भाषा, जात-पात के नाम पर कोई व्यक्ति हमें अलग नहीं कर सके। सामाजिक समरसता का काम शुरू होना चाहिए।

केरल सरकार का दावा- 51 महिलाओं को कराया प्रवेश
सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2018 में सबरीमाला मंदिर में हर उम्र की महिला को प्रवेश की अनुमति दी थी। इस फैसले के विरोध में राज्यभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। 2 जनवरी 2019 को 2 महिलाओं ने पहली बार मंदिर में प्रवेश किया। महिलाओं को पुलिस सुरक्षा में पिछले दरवाजे से प्रवेश कराया था। इसके बाद केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर बताया था कि मंदिर में कोर्ट के फैसले के बाद 10 से 50 वर्ष के उम्र की 51 महिलाओं ने प्रवेश किया।

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